बीड में 1 मई को अल्पसंख्यक संरक्षण के लिए बड़ा आंदोलन | कलेक्टर कार्यालय पर जुटने की अपील

बीड | विशेष रिपोर्ट | द्वारा – अमजद खान
महाराष्ट्र के बीड जिले में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर 1 मई (महाराष्ट्र दिवस) को बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। अल्पसंख्यक संरक्षण संघर्ष समिति ने जिले के कलेक्टर कार्यालय पर अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की है।

समिति के अनुसार देश और राज्य में मुस्लिम, बौद्ध, सिख, ईसाई, जैन, पारसी और यहूदी समुदायों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार, मॉब लिंचिंग और हेट स्पीच की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। साथ ही संवैधानिक पदों पर बैठे कुछ नेताओं द्वारा दिए जा रहे विवादित बयानों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
आंदोलन का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक समाज के लिए विशेष सुरक्षा कानून लागू करवाना है, जैसे अनुसूचित जाति और जनजाति को एट्रोसिटी एक्ट के तहत संरक्षण मिलता है। समिति ने मांग की है कि इसी प्रकार अल्पसंख्यकों को भी कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाए।
यह एकदिवसीय प्रतीकात्मक आंदोलन 1 मई को सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित होगा। विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, शिक्षक और छात्र संगठनों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है, जबकि धार्मिक गुरुओं ने भी साथ देने का आश्वासन दिया है।
आंदोलन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया जाएगा। यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो समिति ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
इस संबंध में एडवोकेट प्रोफेसर इलियास इनामदार सहित कई पदाधिकारियों ने मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए जनता से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है।
