31 जुलाई के बाद हटेंगे अवैध निर्माण, गुंठेवारी नियमितीकरण पर 90% छूट का आखिरी मौका

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
औरंगाबाद महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (CSAMRDA) की सीमा में 31 दिसंबर 2020 से पहले बने बिना अनुमति के निर्माणों को नियमित कराने के लिए नागरिकों को 31 जुलाई 2026 तक 90 प्रतिशत शुल्क छूट का लाभ दिया जा रहा है। महानगर आयुक्त एवं विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने स्पष्ट किया कि इस योजना की समय-सीमा किसी भी स्थिति में नहीं बढ़ाई जाएगी। उन्होंने पात्र नागरिकों, उद्यमियों, बिल्डरों और व्यवसायियों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय रहते आवेदन कर अपनी संपत्तियां नियमित करा लें।
जी. श्रीकांत ने प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 दिसंबर 2020 के बाद नियमों के विरुद्ध बने सभी अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के योजनाबद्ध शहरी और औद्योगिक विकास के लिए अवैध निर्माणों को हटाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक नियमितीकरण के लिए केवल 50 प्रतिशत शुल्क छूट मिलेगी, जबकि 1 नवंबर 2026 से पूर्ण शुल्क देना होगा। साथ ही नागरिकों को बिना अनुमति इनामी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग और बिक्री से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
बैठक में अधिकारियों को 1 अगस्त 2026 तक ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने, पूर्व सैनिकों की एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने तथा सड़कों, सरकारी भूमि और निजी जमीनों पर बने अवैध निर्माणों एवं अतिक्रमणों को चरणबद्ध और पारदर्शी तरीके से हटाने के निर्देश भी दिए गए।
महानगर आयुक्त ने कहा कि अंतिम लेआउट स्वीकृति के समय आंतरिक सड़कें, सीवर लाइन, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था और हरित क्षेत्र जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए तथा गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में टोयोटा किर्लोस्कर, एथर और जेएसडब्ल्यू ग्रीन मोबिलिटी जैसी कंपनियों के प्रस्तावित निवेश से क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। जी. श्रीकांत ने कहा कि स्थानीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के अनुरूप व्यापक अध्ययन किया जाएगा।
इसके अलावा विकास योजना, भूमि सर्वेक्षण, सड़क सीमांकन, रिक्त पदों की भर्ती, संविदा पर अतिरिक्त मानव संसाधन की नियुक्ति तथा अन्य प्रशासनिक विषयों की भी समीक्षा की गई।
