औरंगाबाद: सरकारी स्कूल में बच्चों ने किताबों की जगह निकाला बारिश का पानी, जर्जर भवन पर उठे सवाल

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
‘स्कूल आओ, पढ़ो और आगे बढ़ो’ का संदेश देने वाले शिक्षा विभाग की बदहाल व्यवस्था औरंगाबाद जिले के फुलंब्री तहसील के तलेगांव स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय में सामने आई है। यहां बच्चों के हाथों में किताबों की जगह बारिश का पानी निकालने के लिए झाड़ू, बाल्टियां और अन्य सामान दिखाई दिया, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
तलेगांव के इस जिला परिषद विद्यालय में पहली से सातवीं कक्षा तक कुल 163 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। विद्यालय में सात शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन स्कूल भवन बेहद जर्जर हो चुका है। बरसात के दौरान छत से पानी टपकता है और बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद कई कक्षाओं में पानी भर गया। ऐसे में पढ़ाई शुरू होने से पहले छात्रों को ही बाल्टियों से पानी निकालकर कक्षाएं साफ करनी पड़ीं।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अप्पासाहेब गव्हाड ने आरोप लगाया कि भवन की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और शिक्षा विभाग को कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है और जर्जर भवन बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
जानकारी के अनुसार, फुलंब्री तहसील की 68 जिला परिषद स्कूलों की इमारतें जर्जर और बारिश में टपकने वाली हैं। बजट की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण हजारों छात्र असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
प्रशासन का कहना है कि छोटी-मोटी मरम्मत ग्राम पंचायत के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बड़ी मरम्मत के प्रस्ताव जिला परिषद को भेजे गए हैं। हालांकि, अभिभावकों का सवाल है कि आखिर मरम्मत का काम शुरू कब होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया जाता है, फिर भी सरकारी स्कूलों की ऐसी बदहाल स्थिति चिंता का विषय है।
