“मोती राम बना देशद्रोह का मोहरा: महिला के जाल में फंसकर पाकिस्तान को बेच दी भारत की सुरक्षा!”

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए सीआरपीएफ जवान मोती राम जाट के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जवान पर आरोप है कि उसने भारत की संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेजीं और इसके बदले उसे पैसे भी मिले।
महिला बनकर पाक एजेंट ने फंसाया
एनआईए की जांच में सामने आया है कि मोती राम सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया, जो खुद को महिला बताकर उससे बात करता था। इसी झूठे रिश्ते के जाल में फंसाकर एजेंट ने मोती राम से जासूसी करवाई। पूछताछ में मोती राम ने स्वीकार किया कि वह इस जाल में फंसता गया और चाहकर भी बाहर नहीं निकल सका।
हर महीने खाते में आते थे 3000 रुपये
एनआईए अधिकारियों ने बताया कि मोती राम के बैंक खाते में हर महीने 3000 रुपये ट्रांसफर किए जाते थे, जो विदेशी अकाउंट से भेजे जाते थे। इसी लेन-देन के आधार पर उस पर शक गहराया। जांच में उसके मोबाइल से पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ की गई चैट भी बरामद हुई है, जिसे उसने डिलीट नहीं किया था।
2023 से भेज रहा था संवेदनशील जानकारियां
मोती राम पर आरोप है कि वह 2023 से पाकिस्तान को देश से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भेज रहा था। एनआईए की पूछताछ में उसने कबूल किया है कि उसे अपनी गलती का पछतावा है और वह मजबूरियों में फंसता चला गया।
सीआरपीएफ से बर्खास्त
जासूसी के गंभीर आरोपों के चलते सीआरपीएफ ने मोती राम जाट को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। एनआईए अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उसने कुछ डेटा डिलीट किया या अन्य किसी व्यक्ति को भी इसमें शामिल किया।
यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़े खतरों की गंभीरता को उजागर करता है, जहां दुश्मन एजेंसियां अब सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर हमारे जवानों को निशाना बना रही हैं। NIA फिलहाल मोती राम से लगातार पूछताछ कर रही है और जासूसी नेटवर्क के अन्य तार खंगालने में जुटी है।
