ऑपरेशन सिंदूर पर राज ठाकरे की तीखी प्रतिक्रिया: कहा- युद्ध कोई हल नहीं, असली सवालों से ध्यान भटका रही सरकार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत सरकार द्वारा की गई एयर स्ट्राइक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर जहां पूरा देश सेना की बहादुरी की सराहना कर रहा है, वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की प्रतिक्रिया इससे बिल्कुल अलग नजर आई। उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एयर स्ट्राइक और मॉक ड्रिल स्थायी समाधान नहीं हैं।
“युद्ध कोई हल नहीं, असली सवालों से न भटके देश”
राज ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “जब पहलगाम पर हमला हुआ था, तब मैंने ही कहा था कि दोषियों को ऐसा सबक सिखाना चाहिए जो पीढ़ियों तक याद रखें। लेकिन इसका हल युद्ध नहीं है। अमेरिका ने भी जब हमला झेला, तो युद्ध नहीं छेड़ा, बल्कि आतंकियों को खोजकर खत्म किया। सवाल ये है कि हमला रोका क्यों नहीं गया?”
“मॉक ड्रिल और सायरन दिखावा, चाहिए आत्ममंथन”
मनसे प्रमुख ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “मॉक ड्रिल करना, सायरन बजाना, ये सब जनता को दिखाने के लिए है। असली मुद्दा ये है कि आतंकी हमला हुआ कैसे? क्या हमारी खुफिया एजेंसियां विफल रहीं? इसका जवाब कौन देगा?”
“पाकिस्तान पहले ही बर्बाद, उसे और क्या बर्बाद करना?”
राज ठाकरे ने कहा कि पाकिस्तान खुद ही बर्बादी के कगार पर है। “ऐसे में सिर्फ उसे और बर्बाद करने की बातें करके हम अपनी नाकामियां छिपा नहीं सकते। जो पर्यटक स्थल सालों से शांत हैं, वहां सुरक्षा चूक कैसे हो गई?”
“मॉक ड्रिल नहीं, जरूरी है कॉम्बिंग ऑपरेशन”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश के भीतर मौजूद आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए मॉक ड्रिल नहीं, बल्कि ठोस कॉम्बिंग ऑपरेशन की ज़रूरत है। “लोगों को सिर्फ दिखावे से गुमराह करना समाधान नहीं हो सकता।”
“प्रधानमंत्री को टालना चाहिए था दौरा”
राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश और अन्य कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “जब हमला हुआ, तब प्रधानमंत्री विदेश में थे। सऊदी दौरा बीच में छोड़ा, लेकिन फिर बिहार और अन्य आयोजनों में शामिल हो गए। अगर हालात गंभीर थे, तो इन कार्यक्रमों को टालना चाहिए था।”
“मुंबई पुलिस देश की सबसे सक्षम, सरकार ठोस कदम उठाए”
राज ठाकरे ने अंत में महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि “हमारी पुलिस की क्षमता पर शक नहीं। सरकार को चाहिए कि युद्ध का नाटक बंद कर, आतंकी खतरे के खिलाफ ठोस रणनीति पर काम करे।”
राज ठाकरे की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब देश भर में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राष्ट्रवादी भावना चरम पर है। उनकी इस आलोचना से राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
