उदित राज का विवादित बयान – ‘देशभर में 80-90% जज भ्रष्ट’

पटना: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज ने रविवार को एक विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि पटना ही नहीं, बल्कि देशभर की अदालतों में 80-90% जज भ्रष्ट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मुख्य कारण जातिगत नियुक्तियां हैं।
जस्टिस यशवंत वर्मा का मामला उठाया
उदित राज ने दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा का मामला उठाते हुए कहा कि न्यायपालिका में एक ही जाति के लोगों की नियुक्ति होने से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां जजों की नियुक्ति जाति के आधार पर होती है।”
संविधान बचाने की बात
पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका मकसद संविधान को बचाना है। उन्होंने बिहार में राजनीतिक चेतना को मजबूत, लेकिन सामाजिक चेतना को कमजोर बताया और कहा कि यहां सामाजिक परिवर्तन की अधिक आवश्यकता है।
EVM हटाने की मांग
उदित राज ने जाति जनगणना का समर्थन करते हुए देश से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) हटाने की मांग की।
उन्होंने कहा, “EVM पर लोगों का भरोसा नहीं है, इसलिए निष्पक्ष चुनाव के लिए इसे हटाना जरूरी है।”
2014 के बाद बढ़ी बेरोजगारी
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि 2014 के बाद से देश में बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में दलितों को लुभाने के लिए कई दल सामने आए हैं, लेकिन जो संविधान बचाने की लड़ाई में नहीं हैं, वे केवल अपने स्वार्थ के लिए खुद को दलित नेता बताते हैं।
जस्टिस यशवंत वर्मा मामला – क्यों मचा बवाल?
कुछ समय पहले दिल्ली हाईकोर्ट के जज रहे जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लगी थी। जब फायर डिपार्टमेंट की टीम मौके पर पहुंची, तो बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
इस घटना के बाद मामला गर्मा गया और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जांच शुरू की। इसके बाद जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया।
क्या जजों की नियुक्ति प्रक्रिया बदलेगी?
इस मामले के सामने आने के बाद न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है। उदित राज के बयान के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और न्यायपालिका इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
