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पहलगाम आतंकी हमले पर देश में उबाल: जमात-ए-इस्लामी हिन्द ने की कड़ी निंदा, मुसलमानों को निशाना बनाए जाने पर जताई चिंता

कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान जाने के बाद पूरे देश में गुस्सा और शोक की लहर है। इस हमले ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पाकिस्तान को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बदले की मांग कर रहे हैं, वहीं कई हिंदू और मुस्लिम संगठनों ने एकजुट होकर इस घटना की कड़ी निंदा की है।

जमात-ए-इस्लामी हिन्द ने जताया गहरा शोक

जमात-ए-इस्लामी हिन्द के अध्यक्ष सय्यद सदातुल्लाह हुसैनी ने पहलगाम हमले को इंसानियत के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा, “यह बेकसूर लोगों का कत्ल है जिसे किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराया जा सकता। हमने पहले भी इसकी निंदा की थी, आज भी इसे दोहरा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि जो लोग इस नृशंस हमले के दोषी हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से इस हमले की निष्पक्ष जांच कराने और ठोस कार्रवाई की मांग की।

मुसलमानों को निशाना बनाना भी निंदनीय

हुसैनी ने कहा कि हमले के बाद देशभर में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। “टेररिस्ट वो भी हैं जिन्होंने पहलगाम में निर्दोषों को मारा और वो भी जो इस घटना के बहाने देशभर में मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं।” उन्होंने मीडिया और राजनीतिक दलों पर हिंदू-मुस्लिम विभाजन को हवा देने का आरोप लगाया।

जंग नहीं, शांति का रास्ता अपनाने की वकालत

पाकिस्तान को जवाब देने के सवाल पर हुसैनी ने कहा कि जवाब जरूर दिया जाना चाहिए, लेकिन कोशिश यही होनी चाहिए कि सब कुछ शांति से सुलझे। उन्होंने जंग को देश की तरक्की में रुकावट बताया और कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। जो कोई मजहब के नाम पर आतंक फैलाता है, वह मजहब का गद्दार है।

इस हमले के बाद देश में सुरक्षा, एकता और धर्मनिरपेक्षता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर दोषियों को सजा दिलाने की मांग हो रही है, वहीं दूसरी ओर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी उठ रही है।

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