बच्चों की शौकिया ड्राइविंग पालकों पर पड़ी भारी – भोकरदन पुलिस की धड़ाकेबाज कार्यवाही, पालकों से वसूले 20 हजार

भोकरदन: (प्रतिनिधि–करीम लाला) शहर के स्कूल और कॉलेजों में नाबालिग बच्चों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके चलते दुर्घटनाओं में कई नाबालिग बच्चों की मौत भी हो चुकी है। वहीं, स्कूल-कॉलेजों के बाहर रोड रोमियो जैसी स्थिति बनने लगी है। इस पर रोक लगाने के लिए जालना के पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी और उपविभागीय अधिकारी नितीन कटेकर ने सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए थे।
इसी पृष्ठभूमि पर 10 सितम्बर 2025 को भोकरदन शहर में छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक के पास मुख्य सड़क पर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी एपीआई संतोष माने के नेतृत्व में विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया गया।
नाकाबंदी में चार पालक फंसे
अभियान के दौरान पाया गया कि कुछ पालकों ने अपने नाबालिग बच्चों को बिना लाइसेंस के दोपहिया वाहन चलाने के लिए दिया था। जिनमें –
- मुकेश श्रीकांत थारेवाल (रा. प्रसाद गली, भोकरदन)
- इमरान जावेद कुरेशी (रा. रफीक कॉलोनी, भोकरदन)
- रघुनाथ खेडेकर (रा. भोकरदन)
- संतोष जाधव (रा. पेरजापुर, ता. भोकरदन)
इन सभी ने अपने नाबालिग बच्चों को अपनी मालिकी की बाइक चलाने के लिए दी थी।
20 हजार रुपये का जुर्माना
मौके पर मौजूद पुलिस उपनिरीक्षक सागर शिंदे, सहायक फौजदार सुदर्शन मोहिते और अन्य पुलिस कर्मियों ने कार्रवाई करते हुए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 4(1)/181 के तहत प्रत्येक पालक पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया। इस तरह कुल 20,000 रुपये दंड वसूल किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे से भी नाबालिगों को वाहन चलाने देने वाले पालकों पर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
