अंबेडकर के गीत पर मनुवादियों ने दलित बारात पर किया पथराव, भोजन भी किया बर्बाद; पीड़ित परिवार ने मांगा न्याय

रामपुर: आज़ादी के 77 वर्ष बीत जाने और संविधान में समानता की गारंटी दिए जाने के बावजूद दलित समाज को सम्मानपूर्वक बारात निकालने का अधिकार अब भी चुनौती बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के थाना शाहबाद क्षेत्र में ऐसी ही एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक दलित बारात पर बाबा साहब अंबेडकर के गीत बजने पर मनुवादी सोच से ग्रसित लोगों ने हमला बोल दिया।
पीड़ित धर्मवीर ने बताया कि 10 मई को भीतरगांव से उनकी बेटी की बारात आई थी। बारात में जब अंबेडकर के गीत बजे तो लोधी समाज के कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और पथराव की तैयारी करने लगे। समय रहते पुलिस को सूचित किया गया, जिस पर मौके पर पहुंचे दरोगा ने बीच-बचाव कर बारात को सुरक्षित आगे बढ़ाया।
लेकिन बारात के आगे बढ़ने के बाद भी मनुवादी तत्व बाज नहीं आए। आरोप है कि उन्होंने बारात के लिए तैयार किए गए लगभग 2 लाख रुपये की लागत वाले भोजन को बर्बाद कर दिया। बेटी की विदाई के बाद पीड़ित परिवार ने शाहबाद थाने पहुंचकर तहरीर दी।
धर्मवीर का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इसी गाने को लेकर दो बारातों में विवाद हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दलित समाज को अब भी अपनी बेटियों की बारात सम्मान से निकालने का हक नहीं है?
इस मामले में पुलिस अधीक्षक रामपुर, विद्यासागर मिश्र ने बताया कि घटना को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी की तलाश की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती हैं और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दलित समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को दोहराने वालों को सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी समाज के कमजोर वर्ग की गरिमा को ठेस न पहुंचा सके।
