फलों का राजा या सेहत का दुश्मन? समय से पहले बाजार में पहुंचे आमों का सच

नई दिल्ली। गर्मी ने अभी पूरी तरह दस्तक नहीं दी, लेकिन बाजारों में फलों के राजा आम की बहार पहले ही नजर आने लगी है। आंध्र प्रदेश से लेकर दिल्ली और लखनऊ तक बाजार पीले रसीले आमों से सज गए हैं। बच्चे हों या बुजुर्ग, हर किसी की जुबां पर इन आमों का स्वाद चढ़ चुका है। मगर सवाल ये है कि जब गर्मी पूरी तरह आई नहीं और पेड़ों से आमों की पहली खेप उतरी भी नहीं, तो ये आम बाजार में इतनी बड़ी तादाद में कहां से आए?
सबसे पहले सफेदा आम की एंट्री
हर साल आमों की शुरुआत होती है सफेदा (बैंगनपल्ली) आम से, जिसकी खेती मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में होती है। ये आम आकार में बड़े, रंग में हल्के पीले और स्वाद में हल्के मीठे होते हैं। फिलहाल बाजार में जो आम बिक रहे हैं, उनमें ज्यादातर यही वैरायटी है, जो विजयवाड़ा से दिल्ली और फिर पूरे उत्तर भारत में पहुंचाई जा रही है।
कार्बाइड से पके आम: स्वाद सेहत पर भारी
समय से पहले बाजार में पहुंचे इन आमों को लेकर आशंका है कि इन्हें कृत्रिम तरीके से पके यानी कैल्शियम कार्बाइड से पकाया गया है। कार्बाइड से पके आम देखने में चमकदार जरूर लगते हैं, लेकिन स्वाद, खुशबू और पोषण में ये काफी पीछे रहते हैं। साथ ही इनके सेहत पर खतरनाक असर भी पड़ सकता है।
कैसे पहचानें प्राकृतिक और कार्बाइड वाले आम में फर्क?
| विशेषता | प्राकृतिक रूप से पके आम | कार्बाइड से पके आम |
|---|---|---|
| रंग | समान, पीला-नारंगी | असमान, चमकीला पीला या हरा-पीला |
| बनावट | हल्के नरम | बाहर नरम, अंदर कठोर या पिचपिचा |
| खुशबू | मीठी, फल जैसी | कम या अजीब गंध |
| स्वाद | मीठा, रसीला | फीका, हल्की जलन या कड़वाहट |
| पानी टेस्ट | डूब जाते हैं | तैरते रहते हैं |
कार्बाइड से पके आमों के खतरे:
- स्किन इरिटेशन, रैशेज, एलर्जी
- पेट दर्द, उल्टी, लूज़ मोशन
- लंबे समय तक सेवन से कैंसर का खतरा
- पोषक तत्वों की कमी
- मुंह में छाले, गले में जलन
आम खाने से पहले रखें ये सावधानियां:
- अच्छी तरह धोएं – बहते पानी में रगड़कर।
- पानी में भिगोएं – 30 मिनट से 1 घंटे तक।
- छीलकर खाएं – एलर्जी से बचने के लिए।
- सही मात्रा में खाएं – शुगर हाई होने से सावधानी।
- ताज़ा और बिना धब्बे वाला आम चुनें।
कैसे साफ करें आम को:
- सिरका-बेकिंग सोडा विधि: 1 लीटर पानी में 1 चम्मच सिरका + बेकिंग सोडा मिलाकर 1 घंटे भिगोएं।
- भाप से सफाई: उबले पानी पर छलनी रखकर आमों को 2-3 मिनट भाप दें।
स्वाद का विकल्प चाहते हैं तो ये ट्राई करें:
- कच्चे आम का पना – गर्मी में ठंडक और एनर्जी।
- चटनी या लौंजी – पुदीना, धनिया के साथ साइड डिश।
- मैंगो शेक – साफ किए आम से बना कर सेवन करें।
कीमत क्या है?
फिलहाल बाजार में आम की कीमत 100 से 200 रुपये प्रति किलो के बीच है। लेकिन स्वाद के मामले में ये आम अभी उतने जायकेदार नहीं हैं, जितने कुछ हफ्तों बाद होंगे।
तो क्या करें?
अगर आम का असली स्वाद और सेहत दोनों चाहिए, तो थोड़ा इंतजार करें। कुछ ही हफ्तों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा और अलफांसो जैसी वैरायटी बाजार में छा जाएंगी – और तब होगा असली आम का मौसम
