इम्तियाज जलील के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा गया ज्ञापन

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष तथा पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अन्याय अत्याचार विरोधी कृती समिति की ओर से पुलिस आयुक्त को दिए गए ज्ञापन में की गई है।
समिति का आरोप है कि इम्तियाज जलील ने हाल ही में आयोजित एक पत्रकार परिषद में जातीय द्वेष की भावना से कुछ आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की बदनामी की है। इस मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
इस संबंध में समिति के अरुण बोर्डे और अन्य पदाधिकारियों ने औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त पत्रकार परिषद में अनुसूचित जाति के लिए चलाई जा रही रमाई आवास योजना को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। इस दौरान कुछ आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं के नाम लेकर जातीय उद्देश्य से उनकी बदनामी की गई, ऐसा आरोप भी ज्ञापन में लगाया गया है।
साथ ही यह भी दावा किया गया है कि पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संबंधित कथित रूप से कुछ बनावटी दस्तावेज भी दिखाए गए। ये दस्तावेज कहां से प्राप्त हुए, इसकी गहन जांच करने की मांग भी समिति की ओर से की गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि रमाई आवास योजना के आवेदन ऑनलाइन पद्धति से मनपा के घरकुल विभाग में जमा किए जाते हैं। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन कर लाभार्थियों के बैंक खातों में अनुदान की राशि जमा की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया से समिति या कार्यकर्ताओं का कोई संबंध नहीं होने के बावजूद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए, जिससे जातीय भावनाएं आहत हुई हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति के मतदाताओं ने इम्तियाज जलील को मतदान नहीं किया और उनकी हार हुई थी, इसी कारण वे ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
समिति ने मांग की है कि इम्तियाज जलील के वक्तव्य की जांच कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस ज्ञापन पर अरुण बोर्डे, अमित भुईगळ, महेंद्र सोनवणे, जालिंदर शेंडगे, रूपचंद वाघमारे, राहुल सोनवणे और अनिल पवार के हस्ताक्षर हैं।
