जालना में आत्महत्या की दर्दनाक घटना: उपोषणकारी दीपक बोऱ्हाडे के ससुर ने लगाई फांसी

जालना | कादरी हुसैन
जालना शहर में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल पैदा कर दिया है। धनगर समाज को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर मुंबई के आज़ाद मैदान में आमरण उपोषण पर बैठे आंदोलनकारी दीपक बोऱ्हाडे के ससुर रामराव होळकर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक रामराव होळकर जालना शहर के छत्रपति कॉलोनी स्थित दीपक बोऱ्हाडे के निवास पर ही रह रहे थे। मंगलवार को उन्होंने घर में ही सिलिंग फैन से कपड़ा बांधकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है।
सूत्रों के अनुसार, दीपक बोऱ्हाडे पिछले कई दिनों से मुंबई के आज़ाद मैदान में धनगर समाज के आरक्षण की मांग को लेकर आमरण उपोषण कर रहे हैं। उपोषण के चलते उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिससे परिवार में गहरी चिंता का माहौल था। प्रारंभिक चर्चा के मुताबिक, इसी मानसिक तनाव और चिंता के चलते रामराव होळकर ने यह कदम उठाया हो सकता है।
इस घटना के बाद बोऱ्हाडे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, धनगर समाज सहित स्थानीय नागरिकों में शोक की लहर फैल गई है। घटना ने सामाजिक आंदोलनों के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले मानसिक और भावनात्मक दबाव को भी उजागर किया है।
पुलिस प्रशासन मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रहा है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।
