औरंगाबाद के इंजीनियरिंग छात्रों ने पुलिस के लिए बनाया खास ऐप, एक क्लिक पर मिलेगी अपराधियों की पूरी जानकारी

औरंगाबाद – औरंगाबाद के देवगिरी इंजीनियरिंग कॉलेज के चार छात्रों ने पुलिस प्रशासन के लिए एक खास ऐप विकसित किया है, जिससे अब अपराधियों की पूरी कुंडली पुलिस को सिर्फ एक क्लिक पर मिल सकेगी। इस ऐप का नाम है ‘एमओबी सजेशन एप्लिकेशन’, जिसे विशेष पुलिस महानिरीक्षक वीरेंद्र मिश्रा के हाथों लॉन्च किया गया।
इस ऐप को बनाने वाले छात्रों के नाम हैं – अथांग वानखेडे, अनुष्का गायकवाड, सृष्टि येळमकर और साहिल पाटील। छात्रों ने बताया कि उन्होंने यह ऐप महज 15 दिनों में तैयार किया है।
अपराध की जानकारी अब डिजिटल
इस ऐप में ग्रामीण पुलिस विभाग द्वारा दी गई सभी जानकारियां एकत्र की गई हैं। अब किसी अपराध के बाद उस अपराध की प्रकृति के आधार पर पुलिस संबंधित अपराधियों की जानकारी डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकेगी। पहले यह काम मैन्युअल तरीके से होता था, जिससे काफी समय लगता था।
अब पुलिस को ऑनलाइन माध्यम से अपराधियों का रिकॉर्ड, उनकी अपराध करने की शैली, फोटो, और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। खास बात यह है कि इस ऐप में यह भी बताया गया है कि ऐसे अपराधियों को कैसे पकड़ा जा सकता है।
23 थानों को मिलेगा एक्सेस
ग्रामीण पुलिस विभाग के अंतर्गत आने वाले 23 पुलिस थानों के एक-एक अधिकारी को इस ऐप का एक्सेस दिया जाएगा। इससे अब किसी भी जानकारी के लिए एसपी ऑफिस या उच्च अधिकारियों के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस ऐप का मुख्य नियंत्रण पुलिस अधीक्षक के पास होगा।
यह ऐप पुलिस के काम को और अधिक तेज, सटीक और आधुनिक बनाएगा, और अपराधियों को पकड़ने में बड़ी मदद साबित होगा।
