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महाराष्ट्र में समय से पहले पहुंचा मॉनसून, अब तक 21 की मौत, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

महाराष्ट्र में इस साल मॉनसून ने तय समय से 15 दिन पहले ही दस्तक दी है और इसके साथ ही तबाही भी लेकर आया है। 25 मई को सिंधुदुर्ग से शुरू हुई बारिश 26 मई को मुंबई तक पहुंच गई, जिससे मई महीने में बारिश का 107 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात बनने वाला था, लेकिन वह डिप्रेशन में बदलकर रत्नागिरी के पास टकरा गया। इसके चलते पुणे, सतारा, सोलापुर, रायगढ़ और आसपास के जिलों में भारी बारिश हुई।

अब तक राज्यभर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 21 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं। साथ ही 22 पशुओं की मौत और करीब 25 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरने वालों में से 8 की मौत बिजली गिरने, 5 की डूबने, 4 की तेज हवा में पेड़ गिरने, 3 की दीवार गिरने और 1 की अन्य कारणों से मौत हुई है।

सबसे ज्यादा बारिश फलटन और दौंड में
सातारा जिले के फलटन में सबसे अधिक 163.5 मिमी, पुणे के दौंड में 117 मिमी, बारामती में 104.75 मिमी और इंदापुर में 63.25 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सोलापुर जिले में 67.75 मिमी बारिश हुई। नीरा नदी के किनारे बसे गांवों के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है।

बचाव कार्य में जुटीं NDRF की टीमें
बारिश से उत्पन्न आपात स्थिति को देखते हुए NDRF की 18 टीमें राज्यभर में तैनात कर दी गई हैं। इनमें रायगढ़, ठाणे, सातारा, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, कल्याण शामिल हैं। सांगली, कोल्हापुर और मुंबई में भी जल्द टीमें भेजी जाएंगी। बारामती, इंदापुर, पंढरपुर, मालशिरस, करजत समेत कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अब तक 70-80 परिवारों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

रेल सेवाएं बाधित, करजत में बिजली गिरने से मौत
मुंबई में हार्बर लाइन की ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए रोक दी गईं क्योंकि ट्रैक पर पानी भर गया। रायगढ़ के करजत में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। महाड के पास रायगढ़ किले की सड़क एहतियातन बंद कर दी गई है।

सरकार अलर्ट पर, जर्जर इमारतों की निगरानी
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा है कि विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है और मुंबई-पुणे जैसे शहरों की जर्जर इमारतों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

बारिश का कहर फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा, लेकिन प्रशासन और राहत टीमें पूरी ताकत से हालात को संभालने में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।

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