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आशिक के साथ होना चाहती थी फरार, अय्याश मां ने अपने मासूम बेटे का ही किया शिकार!

कानपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नर्वल थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रतापपुर गांव में रविवार देर रात एक मां ने अपने ही चार साल के मासूम बेटे की निर्ममता से हत्या कर दी। हत्या के बाद बच्चे के चेहरे और पीठ को दांत से बुरी तरह चबाया गया था।

प्रेमी के साथ भागी थी महिला, वापस बुलाए जाने के बाद दी खौफनाक सज़ा
मृतक अनिरुद्ध की मां मनीषा ने कुछ साल पहले किसान सुशील यादव से शादी की थी। पुलिस को दी शिकायत में सुशील ने बताया कि एक माह पहले मनीषा गांव के ही एक युवक के साथ भाग गई थी। परिजनों की तलाश के बाद तीन दिन पहले ही उसे घर वापस लाया गया था। लेकिन मनीषा प्रेमी के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी थी।

रविवार रात बेटे का गला कसकर की हत्या, शव बाबा के पास छोड़ा
रविवार रात जब सुशील घर पर मौजूद नहीं था, उस समय मनीषा ने अपने ही चार वर्षीय बेटे अनिरुद्ध की गला कसकर हत्या कर दी। आरोप है कि मनीषा ने बच्चे को पहले ताबीज के धागे से गला घोंटा और फिर उसका चेहरा व पीठ दांतों से काट डाली। इसके बाद वह शव को छत पर सो रहे अनिरुद्ध के बाबा फूल सिंह के पास ले जाकर सुला आई ताकि किसी को शक न हो।

बाबा की आंख खुली तो चीख उठे
सुबह फूल सिंह की नींद खुली तो पोते को मृत अवस्था में पास लेटा देख सन्न रह गए। उन्होंने तुरंत परिजनों को बुलाया, जिसके बाद पूरे घर में कोहराम मच गया।

पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया, जांच जारी
सूचना मिलने पर डीसीपी पूर्वी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में जुटी पुलिस ने मनीषा को हिरासत में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और कई महत्वपूर्ण सबूत मौके से जुटाए गए हैं।

हत्या या मानसिक विचलन – कई सवाल बाकी
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या पूरी तरह से पूर्वनियोजित थी या मनीषा मानसिक रूप से असंतुलित थी। वहीं, प्रेम संबंधों में उलझी मां द्वारा अपने ही मासूम की जान लेने की यह घटना समाज को झकझोरने वाली है।

परिवार में मातम और ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद से गांव में शोक और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषी को कठोर सजा देने की मांग की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह वारदात फिर एक बार यह सवाल खड़ा करती है — क्या प्रेम का मोह इंसान से उसकी ममता और इंसानियत छीन सकता है?

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