क्या भारत अमेरिका का 51वां राज्य बन गया है? रूसी तेल खरीद पर प्रकाश आंबेडकर का मोदी सरकार पर तीखा हमला

मुंबई/प्रतिनिधि
रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर देश की राजनीति गरमा गई है। वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश आंबेडकर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से कई गंभीर सवाल पूछे हैं।
दरअसल, मीडिया में आई खबरों के अनुसार अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की “अनुमति” दी है। इसी मुद्दे को लेकर प्रकाश आंबेडकर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की विदेश और आर्थिक नीति पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि अगर भारत को किसी देश से तेल खरीदने के लिए अमेरिका से अनुमति लेनी पड़ रही है, तो यह देश की आर्थिक और विदेश नीति की स्वायत्तता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आंबेडकर ने सवाल करते हुए कहा, “परवानगी कौन दे रहा है? क्या हमारे व्यापार समझौतों और आर्थिक नीतियों में अब हमारी कोई स्वतंत्रता नहीं बची है? क्या भारत अमेरिका का 51वां राज्य बन गया है? क्या अब हमारे आर्थिक फैसले अमेरिका तय करेगा?”
प्रकाश आंबेडकर ने आगे कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और उसकी आर्थिक तथा विदेश नीति पर किसी विदेशी ताकत का प्रभाव नहीं होना चाहिए। यदि ऐसी स्थिति बन रही है तो यह देश की संप्रभुता के लिए चिंता का विषय है।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। आंबेडकर ने आरोप लगाया कि आज भारतीय जनता पार्टी अमेरिका के प्रभाव में काम कर रही है, जिससे देश की स्वतंत्र नीति पर सवाल उठ रहे हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर तेल व्यापार और आर्थिक प्रतिबंधों का मुद्दा बेहद संवेदनशील बन गया है। ऐसे में भारत की ऊर्जा जरूरतों, अंतरराष्ट्रीय दबाव और विदेश नीति के बीच संतुलन बनाए रखना केंद्र सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
इस पूरे मामले पर वंचित बहुजन आघाड़ी ने केंद्र सरकार से देश की आर्थिक और विदेश नीति को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की है, ताकि देश की संप्रभुता और स्वायत्तता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
