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ईरान-अमेरिका-इज़राइल संघर्ष का जालना स्टील उद्योग पर असर; स्टील 3 हजार रुपये महंगा

गल्फ देशों से आने वाले स्क्रैप की आयात ठप; कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी का भी प्रभाव

जालना/कादरी हुसैन

दिनांक 10, मंगलवार को दोपहर दो बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का प्रभाव अब जालना के स्टील उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। गल्फ देशों से भारत में आयात होने वाले स्क्रैप की आपूर्ति फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिसके कारण जालना में स्टील की कीमतों में लगभग तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी होने की जानकारी उद्योग क्षेत्र से सामने आई है।

जालना को राज्य का एक महत्वपूर्ण स्टील उत्पादन केंद्र माना जाता है। यहां बड़े पैमाने पर स्क्रैप आधारित स्टील का उत्पादन किया जाता है। लेकिन वर्तमान में गल्फ देशों से आने वाला कच्चा माल (स्क्रैप) युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण बंद या कम हो गया है। इसके परिणामस्वरूप जालना के स्टील उत्पादक उद्योगों को कच्चे माल की कमी महसूस होने लगी है।

इसी के साथ कोयले की कीमतों में भी वृद्धि होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है। कच्चा माल और ईंधन दोनों महंगे होने के कारण जालना में स्टील की कीमतों में करीब तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उद्योग क्षेत्र के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इस संघर्ष का सीधा प्रभाव स्थानीय उद्योगों पर पड़ रहा है और इसकी मार अब आम लोगों पर भी पड़ने लगी है।

कालिका स्टील के अध्यक्ष घनश्यामशेठ गोयल ने बताया कि गल्फ देशों से आने वाले स्क्रैप की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण स्टील उद्योग कठिनाई में आ गया है। साथ ही कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उत्पादन लागत बढ़ गई है, इसलिए स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी होना अनिवार्य हो गया है।

वर्तमान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण आने वाले समय में स्टील की कीमतों में और उतार-चढ़ाव होने की संभावना उद्योग क्षेत्र द्वारा व्यक्त की जा रही है।

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