गैस संकट से औरंगाबाद की दवा इंडस्ट्री पर संकट, 8–10 कंपनियों का उत्पादन बंद

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद की औद्योगिक वसाहतों में स्थित औषधि निर्माण उद्योग गैस संकट की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यहां जीवनरक्षक और अन्य आवश्यक दवाइयों का उत्पादन करने वाली कुल 78 कंपनियों में से लगभग 50 प्रतिशत लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं। कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति बंद होने के कारण 8 से 10 कंपनियों का उत्पादन पूरी तरह ठप हो चुका है, जबकि कई अन्य कंपनियों के पास केवल दो से चार दिनों तक चलने लायक गैस का ही स्टॉक बचा है।
औरंगाबाद की विभिन्न औद्योगिक वसाहतों में अजिंठा फार्मा, वोखार्ड, ग्लेनमार्क, सवेरा फार्मास्युटिकल, यूनिफॉर्म एम्प्युल्स एंड वायल प्रा. लि. सहित करीब 78 औषधि कंपनियां कार्यरत हैं। इनमें से लगभग आधी कंपनियां लघु श्रेणी की हैं, जो पूरी तरह कमर्शियल एलपीजी गैस पर निर्भर हैं। यहां तैयार होने वाली दवाइयों का निर्यात अमेरिका, यूएई, यूके, बांग्लादेश, नेपाल और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों में किया जाता है।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस की बुकिंग बंद कर दी गई है। इस निर्णय का सीधा असर उद्योगों पर पड़ा है और गैस आपूर्ति बाधित हो गई है। औरंगाबाद एमआईडीसी में तीन कंपनियां इंजेक्शन के लिए आवश्यक कांच की एम्प्युल्स का निर्माण करती हैं। गैस की कमी के कारण इन कंपनियों का उत्पादन भी बंद हो गया है, जिससे इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
औद्योगिक संगठनों के अनुसार यहां की कंपनियां देश और विदेश में कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और रक्तचाप जैसे मरीजों के लिए जीवनरक्षक दवाइयां, इंजेक्शन और टॉनिक का उत्पादन करती हैं। इनमें से अधिकांश कंपनियां एमएसएमई श्रेणी की हैं और गैस संकट के कारण उनका उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
सीएमआईए के पूर्व अध्यक्ष अर्पित सावे ने बताया कि गैस का स्टॉक समाप्त होने के कारण 8 से 10 कंपनियों का उत्पादन बंद हो चुका है। यदि जल्द गैस आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और भी कंपनियों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
वाळूज इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष वसंत वाघमारे ने कहा कि दवाइयों का कोई विकल्प नहीं होता। इसलिए औषधि निर्माण प्रभावित न हो, इसके लिए शासन को तुरंत औषधि कंपनियों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति करनी चाहिए।
यूनिफार्मा एम्प्युल्स एंड वायल प्रा. लि. के संचालक नासेर शेख ने बताया कि उनकी कंपनी कांच के इंजेक्शन एम्प्युल्स का उत्पादन करती है, जिनकी आपूर्ति देश के साथ-साथ बांग्लादेश और नेपाल में भी की जाती है। कंपनी को प्रतिदिन करीब 100 किलो गैस की आवश्यकता होती है, लेकिन गैस की कमी के कारण पिछले तीन दिनों से उत्पादन बंद है। उन्होंने शासन से जल्द गैस आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
