जालना मर्चेंट बैंक को चूना लगाने वाला रायचंद सखाराम कुरंगळ गिरफ्तार, आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई

जालना/कादरी हुसैन
पंचमुखी वेअरहाउस के प्रोप्राइटर रायचंद सखाराम कुरंगळ ने जालना मर्चेंट बैंक के साथ एक करार किया था, जिसके तहत वेअरहाउस मालिक किसानों/मालधारकों का माल जमा कर पावती (रसीद) देते थे। उस पावती में मालधारक का नाम, माल गोदाम में जमा होने की पुष्टि और वेअरहाउस का टैग नंबर दर्ज किया जाता था। संबंधित माल पर भी टैग लगाकर पावती नंबर लिखा जाता था। इसी पावती के आधार पर जालना मर्चेंट बैंक की विभिन्न शाखाओं द्वारा किसानों को कर्ज दिया जाता था।
न्यू मार्केट यार्ड जालना, भोकरदन, अंबड, देऊळगाव राजा, गेवराई और मंठा शाखाओं के 177 खातेदारों को इस प्रक्रिया के तहत कर्ज दिया गया था। इनमें से 133 खातेदार कर्ज न चुकाने के कारण थकबाकीदार (डिफॉल्टर) बन गए। बैंक द्वारा कई बार नोटिस देकर कर्ज चुकाने के निर्देश दिए गए, लेकिन कर्ज न भरने पर बैंक ने नियमों के अनुसार माल की नीलामी प्रक्रिया शुरू की।
नीलामी प्रक्रिया के दौरान संबंधित कर्जदारों और पंचमुखी वेअरहाउस के प्रो. रायचंद कुरंगळ ने अड़चनें पैदा कर नीलामी नहीं होने दी। बैंक अधिकारियों ने वेअरहाउस में जाकर माल की जांच करने का प्रयास किया, लेकिन कुरंगळ ने दो महीने तक टालमटोल करते हुए माल दिखाने से बचते रहे। इससे स्पष्ट हुआ कि कर्ज के बदले गिरवी रखा गया माल गोदाम में मौजूद नहीं है।
इस पर बैंक के महाप्रबंधक की शिकायत के आधार पर चंदनझीरा पुलिस थाना में अपराध क्रमांक 220/2026, धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 3(5) बीएनएस 2023 के तहत 23 करोड़ 33 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज किया गया। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, जालना द्वारा की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार आरोपी की तलाश शुरू की गई। गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी का पीछा करते हुए पुलिस टीम ने उसे श्रीगोंदा (जिला अहिल्यानगर) क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी जालना से फरार हो गया था।
आज आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 8 दिन की पुलिस कस्टडी (पीसीआर) में भेजने का आदेश दिया। मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी, प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक (आर्थिक अपराध शाखा) सुरेश उनवणे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक मिथुन घुगे, पुलिस उप निरीक्षक शैलेश म्हस्के तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।
