जालना मर्चेंट बैंक घोटाले में दूसरा आरोपी निलेश्वर शेषराव भोसले गिरफ्तार; आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई, 7 दिन की पुलिस हिरासत मंजूर

जालना / कादरी हुसैन
जालना शहर स्थित जालना मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वेयरहाउस के नाम पर 177 फर्जी खाताधारकों के माध्यम से 23 करोड़ 33 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर चंदनझीरा पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 220/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धाराएं 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
बैंक में बड़े पैमाने पर हुए इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अजयकुमार बंसल एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपाणी ने मामले की गहन जांच के आदेश आर्थिक अपराध शाखा को दिए हैं।
जांच के दौरान इस मामले के मुख्य आरोपी रायचंद सखाराम कुरंगळ को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां उसे 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। उसकी पूछताछ के दौरान इस घोटाले में शामिल दूसरे आरोपी निलेश्वर शेषराव भोसले (उम्र 46 वर्ष, निवासी सिंदखेड राजा, जिला बुलढाणा) का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर जांच की, जिसमें उसका सक्रिय सहभाग सामने आने पर दिनांक 16/04/2026 की देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आज आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां माननीय न्यायालय ने उसे 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। मामले की व्यापकता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा द्वारा अन्य संदिग्धों एवं गवाहों से भी पूछताछ जारी है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जालना श्री अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपाणी, प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक आर्थिक अपराध शाखा श्री सुरेश उनवणे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक श्री मिथुन घुगे, पुलिस उपनिरीक्षक शैलेश म्हस्के तथा पुलिस स्टाफ गोकुलसिंह कायटे, समाधान तेलंग्रे, किरण चव्हाण, अंबादास साबळे, गजानन भोसले, विष्णु कोरडे, ज्ञानेश्वर खुने, रविंद्र गायकवाड, श्रेयस वाघमारे, चालक पाठक मेजर, महिला कर्मचारी जयश्री निकम और मंदा नाटकर द्वारा संपन्न की गई।
न्यायालयीन कार्यवाही में सरकारी वकील नितीन जाधव ने पैरवी की।