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महाराष्ट्र में मानसून की दस्तक का इंतजार, 23 जून से बारिश की बढ़ेगी रफ्तार; किसानों की चिंता बरकरार

मुंबई | प्रतिनिधि

राज्यभर में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोग बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मानसून के आगमन की कई संभावित तिथियां गुजर जाने के बाद अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर दी है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार 23 जून से दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र में आगे बढ़ने की संभावना है।

आईएमडी के मुताबिक, मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, जिससे महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और बिहार के शेष क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

हालांकि मानसून में देरी का सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से मराठवाड़ा में खरीफ फसलों की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। क्षेत्र के आठ जिलों में लगभग 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य है, लेकिन अब तक केवल 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हो सकी है। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, उन्हीं ने कपास और अन्य फसलों की बोआई शुरू की है।

बारिश नहीं होने के कारण सोयाबीन, तूर, मक्का और मूंग जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई रुकी हुई है। सिंचाई सुविधा से वंचित किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है और वे बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञ सुदीप कुमार के अनुसार 22 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। हालांकि पुणे में फिलहाल मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है और अगले कुछ दिनों तक वहां बारिश के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एल नीनो’ के प्रभाव के कारण मानसून की गति प्रभावित हुई है। जुलाई और अगस्त में होने वाली बारिश का अधिक सटीक अनुमान जून के अंतिम सप्ताह तक स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल बीड, जालना सहित मराठवाड़ा के कई जिलों में बुवाई का प्रतिशत बेहद कम है और किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।

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