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150 करोड़ के साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश: 9 बैंक खातों के जरिए देशभर के 65 लोगों से ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुणे | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा

पिंपरी: निवेश (इन्वेस्टमेंट फ्रॉड) और ऑनलाइन टास्क के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस रैकेट के जरिए देशभर के 65 नागरिकों से लगभग 150 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। मामले में साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के मुख्य “म्यूल अकाउंट” सप्लायर को आळंदी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन संजय काळे (25 वर्ष, निवासी मोशी) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि उसके नाम पर 9 अलग-अलग बैंकों में खाते खोले गए थे, जिनमें करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं।

पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले आळंदी पुलिस थाने की साइबर सेल ने यह कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि कॉसमॉस बैंक की आळंदी शाखा के एक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम जमा करने के लिए किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त विनयकुमार चौबे के मार्गदर्शन में पुलिस ने मोशी स्थित गोदाम चौक के पास जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।

9 बैंक खातों से चलता था कमीशन का खेल

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपने नाम से 9 प्रमुख बैंकों में खाते खुलवाए थे और उनका नियंत्रण अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को सौंप दिया था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। ठगी की रकम खातों में आने के बाद वह एटीएम और चेक के माध्यम से नकद निकालकर गिरोह तक पहुंचाता था।

राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCR) के अनुसार, इसी रैकेट के माध्यम से देशभर के 65 लोगों को लगभग 150 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया। आरोपी के खातों से सीधे 1 करोड़ 15 लाख रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है।

‘म्यूल अकाउंट’ क्या होता है?

साइबर ठग अपनी पहचान छिपाने के लिए ठगी की रकम सीधे अपने खातों में नहीं मंगाते। वे लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते और एटीएम का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे किराए पर या अवैध रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों को “म्यूल अकाउंट” कहा जाता है।

पुलिस की अपील

पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-3) मारुति जगताप ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें। किसी अज्ञात स्रोत से आए पैसे को निकालकर किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाना भी गंभीर अपराध है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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