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सुरक्षा गार्डों द्वारा 13 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, भीड़ ने दरिंदों को पीटकर पुलिस को सौंपा

आगरा के सिकंदरा इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां दो सुरक्षा गार्डों ने रोटी मांगने के बहाने एक 13 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़कर उनकी पिटाई की और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में पॉक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी फर्रुखाबाद जिले के रहने वाले हैं और सिकंदरा स्थित एक सुरक्षा एजेंसी में काम करते हैं।

घटना का विवरण
मंगलवार दोपहर को घटना तब हुई जब पीड़ित किशोरी अपनी 6 वर्षीय बहन को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। सिकंदरा रेलवे पुल के नीचे दो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोटी खिलाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन किशोरी ने मना कर दिया। इसके बाद वह अपने घर चली गई। आरोप है कि दोनों आरोपी उसके पीछे-पीछे घर तक पहुंच गए और दरवाजे पर खड़े हो गए। जब किशोरी अंदर रोटी लेने गई, तो वे कमरे में घुस गए और उससे पूछताछ करने लगे। जब उन्हें पता चला कि घर में कोई नहीं है, तो उन्होंने किशोरी को पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

छोटी बहन ने शोर मचाया और बाहर भागकर लोगों को सूचित किया। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई की। पुलिस ने आरोपियों को ग्रामीणों से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया।

आरोपियों की पहचान
आरोपियों की पहचान शैलेंद्र कुमार दुबे और उसके भाई योगेंद्र कुमार दुबे के रूप में हुई है। दोनों फर्रुखाबाद जिले के रहने वाले हैं और सिकंदरा स्थित तोमर सिक्योरिटी एजेंसी में दो साल से सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों नशे की हालत में थे।

पीड़िता और परिवार की स्थिति
घटना के बाद पीड़ित किशोरी और उसकी छोटी बहन गहरे सदमे में हैं। किशोरी की मां उसे संभाल रही हैं, जबकि परिवार के सदस्यों ने पुलिस से आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है। पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है।

पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कई साक्ष्य जुटाए गए हैं और केस में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पुलिस ने 30 दिनों के भीतर आरोपियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

सामाजिक आक्रोश
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा किया है। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वह केस में प्रभावी पैरवी करेगी और आरोपियों को सजा दिलाएगी।

यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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