जब पाकिस्तानी चैनल भारत में बैन हैं तो भाजपा को कैसे पता चली पाकिस्तान की खबर? अजय राय का तीखा सवाल

राफेल विमान और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राय ने कहा कि उन्होंने केवल सच्चाई दिखाई है और उनका बयान पूरी तरह से जायज़ है। उन्होंने केंद्र सरकार से पाकिस्तान पर ठोस कार्रवाई करने की मांग दोहराई और कहा कि जनता अब सिर्फ कार्रवाई चाहती है, बयानबाज़ी नहीं।
“नींबू-मिर्च उतरने का देश कर रहा है इंतजार”
अजय राय ने अपने विवादित बयान को दोहराते हुए कहा, “मैंने कहा था कि रक्षा मंत्री ने राफेल पर जो नींबू-मिर्च लटकाई थी, देश अब उसका उतरना देखना चाहता है। पहलगाम में शहीद हुए जवानों के परिवार और देश की आम जनता अब पाकिस्तान पर कठोर कार्रवाई चाहती है। घटना के कई दिन बाद भी सरकार का कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है, जिससे जनता में रोष है।”
राय ने यह भी सवाल उठाया कि जब भारत में पाकिस्तानी चैनलों पर प्रतिबंध है, तो भाजपा नेताओं को कैसे पता चला कि पाकिस्तान में क्या प्रसारित किया गया? उन्होंने कहा, “कांग्रेस की ओर से हम हमले के दिन से ही कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और अब भी अपने रुख पर कायम हैं।”
भाजपा का पलटवार – ‘देश विरोधी सोच की प्रतीक बन चुकी है कांग्रेस’
अजय राय के बयान पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “जिस तरह कांग्रेस नेता पाकिस्तान के बचाव में बोल रहे हैं, उन्हें कांग्रेस मुख्यालय की चौखट और पार्टी नेताओं के गले में नींबू-मिर्च की माला पहना देनी चाहिए। कांग्रेस अब पाकिस्तानपरस्त और देश विरोधी सोच की प्रतीक बन चुकी है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और राजद जैसे दल सिर्फ़ तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैं, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में गरीबों, दलितों और वंचितों को सशक्त किया जा रहा है। मौर्य ने कहा, “अब ये तबके सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि विकास बैंक बन चुके हैं।”
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का हमला
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अब देश के लिए ‘पांचवें स्तंभ’ जैसे हो गए हैं जो सशस्त्र बलों का मनोबल गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तानी सेना सीमा पार से हमला करती है, लेकिन कांग्रेस जैसे दल देश के अंदर से ही सेना के खिलाफ माहौल बनाते हैं।”
त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान के मीडिया में भारतीय विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों को उद्धृत किया जाता है, जिससे यह साबित होता है कि उनके बयान किसके हित में हैं।
निष्कर्ष
राफेल के बहाने कांग्रेस और भाजपा के बीच शुरू हुआ जुबानी हमला अब सियासी तूफान बनता जा रहा है। जहां एक ओर अजय राय अपने बयान पर कायम हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा इसे सेना का अपमान और देशविरोधी रुख बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
