नागपुर के रामटेक में दर्दनाक हादसा: पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दो मासूमों की मौत, गांव में मातम

नागपुर (रामटेक): महाराष्ट्र के नागपुर जिले के रामटेक तहसील के खैरी बिजेवाड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत पाचगांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय घटी जब स्कूल से लौटे दोनों बच्चे खेलते-खेलते गड्ढे तक पहुंच गए और अनजाने में मौत के मुंह में समा गए।
खेलते-खेलते पहुंच गए मौत के करीब
मृतक बच्चों की पहचान उत्कर्ष लोकेश लांजेवार और रिधान संजय सहारे के रूप में हुई है, दोनों की उम्र 6 साल थी। शनिवार को स्कूल से लौटने के बाद दोनों बच्चों ने भोजन किया और फिर रोज की तरह खेलने के लिए घर से बाहर निकल गए। खेलते-खेलते दोनों घर के पास स्थित एक गड्ढे तक पहुंच गए, जिसमें दिनभर की बारिश के कारण पानी भर गया था।
खाली चप्पलों से हुआ अनहोनी का अहसास
गड्ढे में पानी देखकर दोनों बच्चों ने अपनी चप्पलें बाहर निकालकर पानी में उतरने की कोशिश की, लेकिन गड्ढा गहरा था और उन्हें इसकी गहराई का अंदाज़ा नहीं था। पानी में उतरते ही दोनों डूब गए और वहां से वापस नहीं लौटे। जब देर शाम तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। खोज के दौरान गड्ढे के पास उनकी चप्पलें मिलीं। शक होने पर ग्रामीणों ने गड्ढे में उतरकर देखा, तो दोनों बच्चों के शव पानी में मिले।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बच्चों के शव मिलने के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता और परिजन बदहवासी में रोने लगे और पूरा गांव शोकमग्न हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रामटेक पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया।
लापरवाही या दुर्घटना, उठ रहे हैं सवाल
गांव में चर्चा है कि बारिश के दिनों में खुले गड्ढों को सुरक्षित नहीं किया जाना, ऐसी घटनाओं का बड़ा कारण है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे खतरनाक गड्ढों को ढकने की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में कोई और मासूम इसकी चपेट में न आए।
यह हादसा हर अभिभावक के लिए एक चेतावनी है कि बारिश के मौसम में बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना ज़रूरी है।
