पुणे: राष्ट्रवादी नेता की बहू की हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

पुणे जिले के मुलशी तालुका में अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता राजेंद्र तुकाराम हगवणे की बहू वैष्णवी शशांक हगवणे की संदिग्ध परिस्थिति में मौत का मामला सामने आया है। 23 वर्षीय वैष्णवी ने 16 मई शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े चार बजे अपने घर की बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी लगा ली थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
अब इस मामले में पुलिस ने बड़ा अपडेट दिया है। पुणे के बावधन पुलिस थाने ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की जांच की है, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने इस मामले में हगवणे परिवार के पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से मृतका वैष्णवी के पति शशांक हगवणे समेत दो महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जबकि ससुर राजेंद्र हगवणे और सुशील हगवणे अब भी फरार हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला और उलझ गया है, क्योंकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी या सुनियोजित हत्या। दोनों संभावनाओं पर जांच की जा रही है।
दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप
मृतका वैष्णवी के पिता ने बावधन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे मारपीट कर क्रूरता से व्यवहार किया जाता था।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि राजेंद्र हगवणे ने लड़की के परिवार से 51 तोला सोना, एक फॉर्च्यूनर कार, चांदी के बर्तन और ‘सनीज वर्ल्ड’ में शादी कराए जाने की शर्त पर रिश्ता तय करवाया था।
फिलहाल बावधन पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ससुर और एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। क्या यह आत्महत्या थी या सोची-समझी हत्या, इस पर पुलिस की अगली कार्रवाई से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
