भाजपा नेता रावसाहेब दानवे के दामाद और पूर्व विधायक हर्षवर्धन जाधव को एक साल की जेल, कोर्ट ने सुनाया फैसला

नागपुर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के दामाद तथा पूर्व विधायक हर्षवर्धन जाधव को एक पुराने मामले में एक साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला जिला न्यायालय ने बुधवार को सुनाया।
हर्षवर्धन जाधव, जो कभी शिवसेना के विधायक रह चुके हैं और अब शिंदे गुट में शामिल हैं, पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का आरोप था।
क्या था मामला?
6 दिसंबर 2014 को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की नागपुर के होटल प्राइड में एक बैठक चल रही थी। इस बैठक में शिवसेना के कुछ वरिष्ठ नेता मौजूद थे। हर्षवर्धन जाधव को इस बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे वे नाराज़ हो गए।
नाराजगी में उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस निरीक्षक पराग जाधव को कथित तौर पर थप्पड़ मारी थी। इस घटना के बाद सोनेगांव पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर सरकारी काम में बाधा, शारीरिक हमला और धमकी जैसे गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ था।
गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ था
मामले की सुनवाई के दौरान जमानत के बावजूद अदालत में हाज़िर न होने पर न्यायालय ने अरेस्ट वारंट भी जारी किया था। अब इस केस में जिला अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
हर्षवर्धन जाधव महाराष्ट्र के कन्नड विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं और फिलहाल शिंदे गुट के नेता हैं। भाजपा नेता रावसाहेब दानवे के दामाद होने के चलते यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल, हर्षवर्धन जाधव को सजा के बाद हिरासत में लिया गया है और आगे की प्रक्रिया जारी है।
