जामा मस्जिद से आतंकी हमले के खिलाफ सख्त संदेश, शाही इमाम बोले– आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच दिल्ली की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बेगुनाहों के कत्ल को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “जिस तरह से हिंदू-मुसलमान के बीच नफरत पैदा की जा रही है, वह गलत है। पूरी दुनिया में करोड़ों मासूम मारे जा चुके हैं और इंसान ही इंसान का दुश्मन बन बैठा है।”
उन्होंने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वहां से भेजे जा रहे दहशतगर्दों की वजह से भारत के करोड़ों मुसलमानों को शर्मिंदा होना पड़ता है। शाही इमाम ने कहा कि आतंकवाद किसी मसले का हल नहीं है, बल्कि यह नफरत को जन्म देता है।
उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह एक कश्मीरी मुसलमान आदिल ने अपने घोड़े पर सवार हिंदू पर्यटकों को बचाने के लिए जान कुर्बान कर दी, लेकिन उसका कहीं जिक्र नहीं हो रहा। “क्या वह इंसान नहीं था?” – उन्होंने सवाल उठाया।
बुखारी ने जोर देकर कहा कि “एक इंसान का कत्ल पूरी इंसानियत का कत्ल है।” उन्होंने कहा कि दहशतगर्दी का इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है और किसी के कपड़े उतार कर धर्म जांचना इस्लाम की तालीम के खिलाफ है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि यह समय हिंदू-मुसलमान करने का नहीं, बल्कि देश के लिए एकजुट होकर खड़े होने का है।
