लोणार सरोवर में दिखा दुर्लभ ‘काला कस्तूर’ पक्षी, पक्षी प्रेमियों में खुशी की लहर
प्रतिनिधि: फिरदोस खान पठान

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले स्थित ऐतिहासिक लोणार सरोवर के पास शनिवार सुबह एक अत्यंत दुर्लभ पक्षी ‘काला कस्तूर’ (Indian Black Bird) दिखाई दिया। यह पक्षी आमतौर पर इस क्षेत्र में नजर नहीं आता, इसलिए इसकी उपस्थिति ने पक्षी प्रेमियों को रोमांचित कर दिया है।
महाराष्ट्र पक्षी मित्र संघ के जिल्हा प्रतिनिधि सचिन कापुरे रोज की तरह पक्षी निरीक्षण कर रहे थे, तभी सुबह करीब 8 बजे उन्हें लोणार के धारातीर्थ क्षेत्र में एक पीपल के पेड़ पर यह अनोखा पक्षी दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत उसका बारीकी से निरीक्षण कर कैमरे में उसकी तस्वीरें कैद कीं और जानकारी के लिए महाराष्ट्र पक्षी मित्र संघ के अध्यक्ष जयंत वडतकर और पक्षी विशेषज्ञ मनोज बिंड से संपर्क किया।
उन्होंने पुष्टि की कि यह पक्षी ‘इंडियन ब्लैक बर्ड’ है, जो बेहद दुर्लभ प्रजाति का पक्षी है और इस क्षेत्र में शायद ही कभी देखा जाता है।
इस पक्षी को ‘काला कस्तूर’ के नाम से भी जाना जाता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में इसे कस्तुरी, गायकवाड, सालई, सालभोरडा या साळोखी जैसे नामों से भी पहचाना जाता है। यह पक्षी आकार में मैना के समान होता है। नर पक्षी की चोंच पीली और शरीर पूरी तरह काला होता है, जबकि मादा का गला काली धारियों वाला पीला-भूरा होता है और उसकी चोंच काली होती है।
‘काला कस्तूर’ केवल भारत और श्रीलंका में पाया जाता है तथा यह कम दूरी का प्रवासी पक्षी है। इसका प्रजनन काल जून से अगस्त तक होता है। यह पक्षी पर्णपाती जंगलों और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है। इसकी एक उप-प्रजाति पश्चिमी घाटों में 2000 मीटर की ऊँचाई तक पाई जाती है।
बुलढाणा जिले में इस दुर्लभ पक्षी के दर्शन होने से क्षेत्र के पक्षी प्रेमियों में खासा उत्साह है और इसे जैव विविधता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।
