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अखबार केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव है – राजेश भालेराव

पत्रकारों की विभिन्न मांगों को लेकर वॉइस ऑफ मीडिया का ज्ञापन

जालना / कादरी हुसैन

सरकार से समाचार पत्रों के विज्ञापन दरों में वृद्धि करने, सरकारी निविदा विज्ञापनों को पूर्ण स्वरूप में प्रकाशित करने, विज्ञापनों का निश्चित प्रारूप तय करने तथा विज्ञापन के बिल 30 दिनों के भीतर भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर वॉइस ऑफ मीडिया जिला कार्यकारिणी की ओर से ज्ञापन सौंपा गया।

यह ज्ञापन राज्य के प्रधान सचिव एवं महासंचालक ब्रिजेश सिंह (सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय) को जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल हैं:

1) विज्ञापन दरों में 150% वृद्धि
सन 2019 से मार्च 2026 तक महंगाई सूचकांक के अनुसार विज्ञापन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसलिए सभी समाचार पत्रों के लिए कम से कम 150% दरवृद्धि तत्काल मंजूर की जाए।

2)ई-टेंडर विज्ञापनों का पूर्ण प्रकाशन
ई-टेंडर नोटिस को पूर्ण स्वरूप में अखबारों में प्रकाशित किया जाए, ताकि आम जनता तक स्पष्ट जानकारी पहुंच सके।

3)न्यूनतम विज्ञापन आकार 200 वर्ग सेंटीमीटर
जिला सूचना कार्यालय, विभागीय कार्यालयों एवं अन्य शासकीय/अर्धशासकीय संस्थाओं द्वारा दिए जाने वाले विज्ञापनों के लिए न्यूनतम 200 वर्ग सेमी आकार निर्धारित किया जाए, जिससे समाचार पत्रों को आर्थिक रूप से उचित पारिश्रमिक मिल सके।

4) विज्ञापन भुगतान 30 दिनों में
सरकारी विज्ञापनों का भुगतान 30 दिनों के भीतर किया जाए। देरी होने पर संबंधित राशि पर बैंक दर के अनुसार ब्याज दिया जाए।
साथ ही, पत्रकारिता में 10 वर्ष पूर्ण करने वाले पत्रकारों को अधिस्वीकृति पत्र (मान्यता) दी जाए तथा शंकरराव चव्हाण पत्रकारिता पेंशन योजना में शर्तों को शिथिल कर 20 वर्ष सेवा और 55 वर्ष आयु वाले पत्रकारों को पेंशन का लाभ दिया जाए।

5) लघु व मध्यम समाचार पत्रों को समान अवसर
बड़े अखबारों की तरह छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को भी विज्ञापन वितरण में समान और न्यायसंगत अवसर दिया जाए। किसी प्रकार का भेदभाव न हो।

6)सरकारी निर्णयों में पारदर्शिता
सरकार की बैठकों, निर्णयों और नीतियों की जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जाए।

7)विज्ञापन वितरण की एकरूप प्रणाली
कई जिलों में सरकारी कार्यालय सूचना विभाग के माध्यम से विज्ञापन न देकर सीधे कुछ चुनिंदा समाचार पत्रों को देते हैं। यह पद्धति बंद कर सभी विज्ञापन सूचना विभाग के माध्यम से ही जारी किए जाएं और उस पर विभाग का नियंत्रण हो।

8)समाचार पत्रों की जांच व दरवृद्धि
जिन समाचार पत्रों ने विज्ञापन सूची में शामिल होने के लिए जांच की मांग की है, उनकी जांच प्रक्रिया फिर से शुरू की जाए।
जिन समाचार पत्रों ने 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं, उन्हें प्राकृतिक दरवृद्धि का लाभ दिया जाए। इसके कई प्रस्ताव लंबित हैं, जिन्हें तत्काल मंजूरी दी जाए।

ज्ञापन में कहा गया कि समाचार पत्र उद्योग केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूत नींव है। यदि आर्थिक कठिनाइयों के कारण यह उद्योग कमजोर होता है, तो इसका सीधा प्रभाव जनता के सूचना के अधिकार पर पड़ेगा। इसलिए सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की गई है।

यह ज्ञापन वॉइस ऑफ मीडिया के राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष संदीप काळे तथा मराठवाड़ा उपाध्यक्ष अविनाश कव्हळे के मार्गदर्शन में दिया गया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेश भालेराव, जिला उपाध्यक्ष नूर अहमद, कोषाध्यक्ष अशोक मिश्रा, संघटक भरत मानकर, लियाकत अली खान, भगवान साबळे, सदस्य सदानंद देशमुख, सह-कोषाध्यक्ष कैलास फुलारी, सरचिटणीस रविकांत दानम, कादरी हुसैन, शेख इल्यास अब्बास सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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