Editorial
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मुताह निकाह या जिस्म का सौदा? हैदराबाद में लड़कियों की शेखों को बोली लगाकर बिक्री, माँ-बाप भी दलाल बन बैठे!
“मुताह निकाह” या इंसानियत का सौदा? – हैदराबाद से एक कड़वी सच्चाई हैदराबाद की गलियों में एक अमानवीय खेल खेला…
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खासदार टाईम्स बना जनता की आवाज़ का सशक्त मंच, आम जनता को दी पत्रकार बनने की खुली चुनौती
“सच के साथ, सब के साथ!“—इस बुलंद नारे के साथ प्रसिद्ध राष्ट्रीय मीडिया संस्थान “खासदार टाईम्स” निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता…
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पहलगाम हमला: असली गुनहगार बच रहे हैं, देश को नफरत में झोंका जा रहा है!
पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर इस देश की हकीकत को उजागर कर दिया—हमारे नेताओं की नाकामी,…
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बिना मुस्लिम सांसद की संसद और वक़्फ़ का नया कानून: मुसलमानों का कल्याण या नियंत्रण?
भारतीय संसद में हाल ही में पारित वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक को लेकर जो बहस छिड़ी है, वह केवल एक विधायी…
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भारत की आज़ादी में मुस्लिम संगठनों की अहम भूमिका
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम केवल कुछ चुनिंदा नेताओं या संगठनों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें विभिन्न समुदायों, विचारधाराओं और संगठनों…
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नागपुर हिंसा: क्या धर्म अब केवल राजनीति का हथियार बनकर रह गया है?
भारत अपनी विविधता और सांस्कृतिक सहिष्णुता के लिए जाना जाता है। यहां हर धर्म और संस्कृति को समान सम्मान प्राप्त…
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क्या औरंगज़ेब को क्रूर कहना न्यायसंगत है?
इतिहास की घटनाओं का निष्पक्ष विश्लेषण भारतीय इतिहास में मुग़ल शासक औरंगज़ेब को क्रूर, कट्टर, और धार्मिक असहिष्णु शासक के…
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नागपुर हिंसा: इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की साजिश और बढ़ती सांप्रदायिक नफरत
– संपादकीय महाराष्ट्र के नागपुर में जो कुछ हुआ, वह हमारे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह सिर्फ…
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भारत में नफरत की राजनीति और न्यायपालिका की भूमिका
– विशेष संपादकीय नफ़रत को पहचानना और उसे नाम देना किसी समाज के लिए मुश्किल नहीं होना चाहिए, लेकिन भारत…
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